रावी न्यूज आकाश
भारत-पाकिस्तान सीमा पर दूसरी डिफेंस लाइन के आदियां चेक पोस्ट के अंदर दो पुलिस मुलाजिमों की लाशें मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बताते हैं कि दोनों मुलाजिमों ने एक दूसरे को गोली मार दी। लेकिन यह बात हजम होने को नहीं आ रही। मृतकों के परिजनों ने इस पूरे मामले की जांच करने की मांग प्रशासन के सामने रखी है।
जानकारी के अनुसार दोरांगला के पास पढ़ते सेकेंड डिफेंस लाइन पर बनी चेक पोस्ट पर दो पुलिस मुलाजिम तैनात थे। जिसमें से एक का नाम एएसआई गुरनाम सिंह और एक होमगार्ड जवान अशोक कुमार बताया गया। सुबह जब उन्होंने काफी देर तक अधिकारियों का फोन नहीं उठाया तो पुलिस अधिकारियों ने गांव के सरपंच कमलजीत सिंह को फोन करके पोस्ट पर जाकर उनसे बात करने को कहा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे के करीब गांव का सरपंच पुलिस अधिकारी का फोन आने के बाद उक्त चेक पोस्ट पर पहुंचा तो वह होश फाक्ता हो गये।
उसने देखा कि पोस्ट के अंदर दोनों पुलिस मुलाजिमों की लाशें पड़ी हुई थी। दोनों को गोली मारी गई थी। उसने तुरंत इस संबंधी सूचना पुलिस के उक्त अधिकारी तक पहुंचाई। सूचना मिलते भी भारी संख्या में पुलिस अधिकारी आदियां चेक पोस्ट पर पहुंचे और स्थिति का जयाजा लिया। वहीं एसएसपी गुरदासपुर भी घटना स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
पहुंचे एसएसपी गुरदासपुर आदित्य और फॉरेंसिक टीमों की तरफ से जांच की जरी है उन्होने बताया कि पुलिस द्वारा अलग-अलग एंगल से मामले की जांच की जारी है यह घटना की गैंगस्टर और आतंकवादी एंगल से भी जांच की जा रही है जल्द ही इस संबंध में पूरी जानकारी जुटाने के बाद खुलासा हो पायेगा।
वही मौके पर डीआईजी बीएसएफ जेके विरदी भी मौके पर पहुंचे मृतक पुलिसकर्मियों की पहचान होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और पंजाब पुलिस के एएसवीआई गुरनाम सिंह के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भेज दिया गया है।
वहीं प्राथमिक जांच के बाद जब यह कहा गया कि इस मामले में दोनों मुलाजिमों ने एक दूसरे को गोली मारी गई है तो इस बात को अस्विकार करते हुए मृतक होमगार्ड जवान अशोक कुमार और पुलिस एएसआई गुरनाम सिंह के बेटे संदीप सिंह के पक्ष और परिवार के सदस्य भी सामने आए। उन्होंने कहा कि उन्हें सुबह इस घटना की जानकारी मिली थी और दोनों परिवारों के सदस्यों ने कहा कि वे एक-दूसरे को गोली मारने की बात को अस्विकार करते हुए उन्होंने अपील की कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच करे और उचित कानूनी कार्रवाई करे और उन्हें शहीद घोषित करे क्योंकि जब उन पर गोलियों से हमला हुआ तो वे ड्यूटी पर तैनात थे और परिवार न्याय मांग रहा है।






